हां मेरे दोस्त में बारीश लाऊँगा ,वही बारिश जो गीली होती हें, और इसे पानी भी कहते हें ,उर्दु में आव ,मराठी में पाणी, तामिल में तन्नी, कन्नण में नीर और बंगला में इसे जोल कहते हैं। संस्कृत में जिसे वारी ,नीर,जीवन,अमृत,उद्ध भी कहते हें,र्गीक में अकवाप्यूरा इंगलिश में “Water” केमिस्ट्री में H2o भी कहते हें। ये पानी जब आँख से गिरता हें तो आँसु कहलाता हें ,लेकिन जब चेहरे पर चढ़ जाये तो रूवाब बन जाता हैं। कोई शर्म से पानी 2 हो जाता हें ,तो कभी 2 ये पानी सरकारी फाइलो में अपने कुँए समेर चोरी हो जाता हैं। तो मेरे दोस्त ये बारिश खरीदीए सस्ती,सुंदर और टीकाउ सिर्फ 5000 में इससे कम में कोई दें तो जो चोर कि सजा वो मेरी आपकी जूती सर पर मेरी पर दोस्त मेरी बारिश खरीदीए...