Text selection Lock by Hindi Blog Tips

सोमवार, 22 नवंबर 2010

तन्हाई

तुम्हारे जाने के बाद टुटा तो नहीं ,बिखर सा गया हु गर टूट जाता तो लोग टुकड़े समेट कर जोड़ने में लग जाते !पर मैंने बिखरना ही बेहतर समझा ताकि समेट ने की गुंजाईश ही न रहे !