एक दिन था .एक रात दोनों एक दुसरे से बहुत प्यार करते थे ,अक्सर दोनों अपनी भाग दोड़ भरी जिंदगी से बहार निकल कर शाम को मिल पाते थे .क्योकि दिन भाग दोड़ करता था और रात सभी को आराम देती दोनों के पास बस शाम का वक़्त निकलता था जिसमे वो अपनी कुछ लम्हों की जिंदगी को जी लेना चाहते थे क्योकि रात के ऑफिस का बोस चाँद रात को छुट्टी नहीं देता था और दिन का बोस सूरज दिन को दिन भर जलने के लिए अपने पास ही रखता था ! एक दिन दोनों ने अपनी नोकरी छोड़ने का फेसला किया लेकिन तभी दोनों को उन लोगो का ख्याल आया जो लोग इनकी वजह से दिन और रात मै अपने अपने काम बाट चुके थे ,फिर दोनों ने फेसला किया की इस दुनिया की इस भाग दोड़ भरी जिंदगी को चलाने के लिए कुछ लम्हे ही ठीक है अपनी जिंदगी को जीने के लिए !और फिर एक दिन रात ने चाँद से शादी कर ली और दिन आज भी ज़ल रहा है ,भीग रहा है काँप रहा है ,

very nice post ..din aur raat se jodkar pyar ki ye prastuti kafi alag hai aur jivant bhi
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