Text selection Lock by Hindi Blog Tips

बुधवार, 12 मई 2010

वक़्त नहीं है ...

हर ख़ुशी है ,लोगों के दामन में पर 
एक हसी के लिए वक़्त नहीं है !
 दिन रात डूबती हुई दुनिया में 
 जिंदगी के लिए ही वक़्त नहीं है ! 
 माँ की लोरी का तो एहसास है ,पर
माँ को माँ कहने का वक़्त नहीं है !
 सारे रिश्तो को हम मार चुके है 
 पर उन्हें दफ़नाने का वक़्त नहीं है
सारे नाम दिमाग में है ,पर उन्हें 
 पुकारने का वक़्त नहीं है !
 गेरो की क्या बात करे , जब अपनों 
 के लिए वक़्त नहीं है ! आँखों मै हे नींद 
 बड़ी पर जिसकी गोद मै सर रखकर सोये हम 
 उसके पास वक़्त नहीं है !


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें