ने जिनके पास उनके मतलब दूर ,दूर तक नहीं थे !
फिर राग अलाप लिया दोस्ती का जो कभी शब्दों के
ऊपर समझी ही नही थी फिर वास्ता दिया वफ़ा का
जिससे वास्ता कोसो दूर तक ना था थक हार कर खीच
दी चंद लाइने कागज पर और खुसफेमियो मै होकर रात गुजार दी
की अब सब ठीक हो गया है !जैसे किसी सरकारी डाक्टर ने किसी गरीब को
ढाढस बंधा दी हो की अब तुम कुछ दिन और जी लोगे !

samajhne ke liye shayad thodi si samajh chahiye hoti hai
जवाब देंहटाएंsayad theek kaha aapne samjhdaar hone ki id maire paas nahi hai kaha milti hai bataiyega
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