Text selection Lock by Hindi Blog Tips

गुरुवार, 1 अप्रैल 2010

चलते-चलते



“तन्हा है मन इस ख्याल सेनही मिलोगे अब तुम मुझेगुज़र जाएगी ये ज़िंदगी यूँ हीतन्हाइयों में चलते-चलते…आज रोशनी कितनी अँधेरी है,ये सवेरा कितना काला है,सूरज भी छिप गया है कहींमेरे साथ जलते-जलते…एक उम्मीद फिर भी जिंदा हैमेरे दिल में आज भी,इस छोटी सी दुनिया में तुम,मिलोगे कहीं फिर चलते-चलते

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें