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रविवार, 4 अप्रैल 2010

मदहोश पत्रिका



माँ दारू देवी की असीम अनुकंपा से पूरे नशे मे टुन्न होकर हुक्के और माल के सनिध्य मैं हमे आज हर्षित होने का अवसर मिला है क्योंकि हमारी बिगड़ी औलाद ..........







चिरंजीव दुली चंद


कूपत्र श्री मालबोरो






एवं






सौ. बीडीकुमारी देतैनेद


कुपुत्र्ी श्री गोल्ड  फ्लेक  






विवाह बंधन मे बँधने जा रहे है, आप सभी से अनुरोध है की इस पावन अवसर पर पधारे और भरपूर उत्पात मचाकर अपनी उपस्थिति को सार्थक बनाएँ बारात ब्यावरा की "देसी दारू की भट्टी" से निकलकर निकटवर्ती "अँग्रेज़ी शराब की दुकान" की ओर रात 1 बजे के बाद प्रस्थान करेगी ........






पान - सुपारी :-- मेरे भैया की शादी में ज़लूल-ज़लूल आना...........






स्वगातोत्सुक :-


विल्स , उल्त्र  मिल्ड , रोयल इसटेग,


ग्रीन  लाबेल , जोह्न्न्य  वालकर






दर्शनाभिलाशी


ओल्ड  मोंक , 8 पीएम , मेक  डोवेल ,


ठुन्देर्बोल्ट , हय्वार्ड  5000,


किन्ग्फिशेर . 






विनीत


भांग, ठंडई, ५०२ पताका छाप बीडी, 

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