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गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

कमजोरी के अन्दर ,छिपी शक्ति


भारतीय युवाओ के चहेते युवा लेखक चेतन भगत के तीसरे उपन्यास ‘द थ्री मिस्टेक्स ऑफ माय लाइफ’ पर भी अब फिल्म बनने जा रही है ,भले ही  विधु  विनोद चोपड़ा ने थ्री  इंडियेट्स का क्रेडिट चेतन को न दिया हो, तो  कोई बात नहीं पर  चेतन  वोलिबुड के फिल्मकारो के बीच जो इतना लोकप्रिय होते जा रहे है , जो अब अभिषेक कपूर अपने निर्देसन मै नई फिल्म करने जा रहे है जो उपन्यास ‘द थ्री मिस्टेक्स ऑफ माय लाइफ’ पर आधारित होगी, खबर यह भी है की फरहान अख्तर ने थ्री मिस्टेक्स इन माई लाइफ की राइट्स चेतन भगत से खरीद लिए है .फिलहाल स्क्रिप्ट लिखने पर काम चल रहा है। तो  चलते है चेतन की लिखी उन गलतियों पर जो भारतीय युवा के अन्दर बेठी इस्थितीयो को बहार लाती है की किस तरह से एक व्यवसायोन्मुख युवक गोविन्द अपनी जिंदगी को ख़त्म करने की कोसिसे करता रहता है ,पर कोसिसे  कामयाब नहीं हो पाती  और फिर वह चेतन को अपनी जिंदगी की तीन घटनाये बताता है जिन्हें वह अपनी तीन गलतियों के रूप मै देखता है ! पहली गलती जो वह बताता है वो यह की अपने कछुआ चाल चल रहे व्यवसाय को बढाने की अपनी उची छलांग को बताता है तो, दूसरी गलती मै प्यार मै युवाओ पर सेक्स का  किस तरह हावी हो जाना और तीसरी गलती मै मोके पर जो चोका नहीं मार पाटा ,यानि सही  समय पर सही फेसला न लेना इसको वह बताता है !  और देखा जाये तो चेतन ने इन तीन गलतियों मै नई पीड़ी के यूवा की सारी  परेसनिया  जिनसे ,उसे जूझना पड़ता है  उसे समेट दिया है !मै आप लोगो मै से किसी को नहीं ले रहा और अगर मै अपनी बात करू जो आप पर भी कही न कही लागु होती है ,की आज के दोर मै किसी भी कार्य छेत्र के युवा को कही न कही इन जेसी परेसनियो का सामना करना पड़ता है ! जिस तरह से इसमे मुख्य पढ़े जाने वाले पात्र अली को हाईपर-रिपलैक्स  बीमारी से ग्रस्त बताया है ,और इसके बाबजूद भी वह ओबर की चार गेंदों मै छक्के लगता है यह भी इस प्रकार के युवा वर्ग के लिए प्रेरणा से कम नहीं ! वेसे इस बीमारी से ग्रस्त लोगो की सोचने की शक्ति पूरी तरह से ख़त्म हो जाती है ,और वो अपने सामने आने वाली चीज़ का वेसा ही ज़वाब देते है जैसे वह सवाल कर रही है !और अली भी वेसा ही करते हुए अपने और आने वाली तेज़ गेंद को उतनी ही तेज़ी से वापस भेजता है ! और चेतन ने जिस तरह का चित्रण किया है वो आज के युवा वर्ग को अपनी  कमजोरी को अपनी शक्ति बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है .बहुत ,बहुत बधाई चेतन 

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